एक उत्तम आदर्श पाठ योजना कैसे बनाएं How to make ideal lesson plan
सीखने-सिखाने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण अंग है पाठ योजना। एक उचित क्लासरूम योजना, शिक्षकों को व्यवस्थित रखेगी जिससे वे ज़्यादा पढ़ा सकेंगे फलस्वरूप बच्चों को निश्चित उद्देश्य तक पहुंचने में आसानी होगी।

टीचिंग उम्मीदवारों के लिए ये लेख बहुत आवश्यक है क्योंकि ये लेख सामान्य शिक्षण उद्देश्य, सीखने के उद्देश्य और इसे पूरा करने के तरीकों का रेखाचित्र खींचेगा।

एक उचित पाठ योजना तैयार करने में समय, लगन और बच्चों की क्षमताओं को लेकर आपकी समझ अहम् भूमिका निभाती है। जितना तैयार शिक्षक होगा उतना ही पाठ में आने वाली अनअपेक्षित बाधाओं को वो अच्छे से निर्देशित करेगा। नीचे कुछ चरण दिए गए हैं जिनसे आप एक उचित पाठ योजना बना सकते हैं।
प्रत्येक चरण पर प्रश्नों का एक सेट है जिससे आपको सीखने और सिखाने की गतिविधियों का पता चल सके।

उद्देश्यों को रेखांकित करें-

उद्देश्यों को रेखांकित करने से आप कक्षा में प्रवेश करने से पहले अपनी शिक्षण पद्धति पर व्यवस्थित ढंग से सोचते हैं। सबसे पहला चरण ये है कि आप क्या चाहते हैं कि आपके विद्यार्थी सीखें ताकि पाठ के अंत में उसे कर करें। कक्षा में प्रवेश करने से पहले निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर जान लें-
    1. पाठ का विषय क्या है?
    2. आप क्या चाहते हैं कि विद्यार्थी क्या सीखें?
    3. आप क्या चाहते हैं जो वे समझें?
    4. इस निश्चित पाठ से आप क्या चाहते हैं कि वे अपने में धारण करें?
    5. कौन सी रणनीतियों के तहत् आप शिक्षण करेंगे?
    6. यदि आपके पास पर्याप्त समय नहीं है तो किसे छोड़ा जा सकता है?

    इन चरणों से आप कक्षा के समय का प्रबंधन कर सकेंगे और समय के अभाव के दबाव के बावजूद सीखने के उद्देश्यों के साथ न्याय कर सकेंगे।

    आरंभ का विकास करें-

    बच्चों में रूचि और विचारशीलता को जागृत करने के लिए अपने विषय का परिचय रचनात्मक ढंग से दें। इन प्रश्नों पर विचार करें:
      1. ये आप कैसे जांचेंगे कि बच्चों को विषय के बारे में कुछ पता है या नहीं?
      2. विषय को लेकर सामान्य विचार क्या हैं जिससे बच्चे इसे समझ सकें?
      3. विषय का परिचय देने के लिए आप क्या करेंगे?
      आप बच्चों को व्यस्त रखने के लिए कई तरीकों का प्रयोग कर सकते हैं (उदा. वास्तविक ज़िंदगी के उदाहरण, वीडियोज़ आदि)।

      मूल बात का स्पष्टीकरण देना-

      अधिक बच्चों का ध्यान केंद्रित करें और सीखने की विभिन्न शैलियों को अपनाएं। आप अपनी गतिविधियों और उदाहरणों को समझाने की जो योजना बनाएंगे, आकलन करें कि कितना समय प्रत्येक पर व्यय होगा। विस्तृत चर्चाओं और स्पष्टीकरण के लिए समय नियोजित करें लेकिन, दूसरी समस्या पर जाने के लिए तैयार रहें। साथ ही रणनीति पहचानें जिससे बच्चों को समझ आता हो।
        1. आपके बच्चों के स्तर के आधार पर, आपको थोड़ा पीछे भी जाना पड़ सकता है। सोचें कि आपको कितना पीछे जाना होगा।
        2. यदि आप बच्चों को सीधे ये बताते हैं कि वे क्या सीखने जा रहे हैं तो निश्चित ही ये आपके लिए उपयोगी होगा। यानि, उन्हें अपना उद्देश्य दीजिए। इससे वे कक्षा छोड़ते समय याद रखेंगे कि आज उन्होंने क्या सीखा?

        बच्चे जो सीखें उसे प्रयोग में लाएं-

        अब जब बच्चों ने जानकारी प्राप्त कर ली है, तो अब आपको एक ऐसी गतिविधी करानी है जिसमें उन्होंने जो सीखा है उसे प्रयोग कर सकें। हालांकि, पहली बार में संभव नहीं है इसलिए पहले उन्हें प्रशिक्षण की गाड़ी में बिठाएं। वीडियो क्लिप, वर्कशीट, चित्र या गतिविधियों के बारे में सोचें। विभिन्न क्षमता के बच्चों पर विभिन्न प्रकार की गतिविधियां निश्चित करें।

        समीक्षा-

        ये आप कैसे पता करेंगे कि बच्चे सीख रहे हैं? इसके लिए आपको उनकी सीख को जांचना होगा। उन प्रश्नों के बारे में सोचें जिससे आप उनकी समझ को जांच सकते हैं, उन्हें लिखें और उनकी संक्षिप्त व्याख्या कर लें ताकि आप विभिन्न तरीके से प्रश्न पूछने के लिए तैयार हो जाएं। यदि बच्चे नहीं समझ पा रहे तो जानकारी पर वापस जाएं।

        निष्कर्ष और पूर्वावलोकन का विकास करें-

        कक्षा में पढ़ाई गई सामग्री को देखें और पाठ के महत्वपूर्ण बिंदु का सार तैयार करें। आप बच्चो की मदद ले सकते हैं या आप सभी विद्यार्थियों से एक पेपर पर सीखा सबकुछ लिखने को कह सकते हैं। आप बच्चों की समझ को समझने के लिए उनके उत्तरों का सहारा ले सकते हैं फिर वो समझाएं जो बच्चों को समझ ना आया हो।
        पाठ के सार के अलावा अगले पाठ के पूर्वावलोकन के साथ पाठ समाप्त करें। इस पूर्वावलोकन से बच्चों की रुचि में इजाफ़ा होगा और अलग-अलग विचारों से जुड़कर वृहद सोच के साथ जुड़ सकेंगे।
        Previous Post Next Post