विराम चिह्न के प्रकार, प्रयोग और नियम – विराम शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है ठहराव। जिस तरह काम करते-करते थक जाने पर हमें विराम की आवश्यकता होती है। उसी तरह भाषा के प्रयोग में भी विराम की आवश्यकता होती है। पाठक के भाव बोध को सुबोध और सरल बनाने के लिए विराम चिह्नों की आवश्यकता होती है।

विराम चिह्न के प्रकार, प्रयोग और नियम - मोबाइल साथी

 

विराम चिह्न के प्रकार, प्रयोग और नियम : Hindi Punctuation : Types, Uses and Rules of Punctuation - MobileSathi.Com

हिंदी भाषा में कुल 13 प्रकार के विराम चिह्न होते हैं। ये विराम चिह्न निम्नलिखित हैं –

हिंदी में प्रयोग किये जाने वाले विराम चिह्न –

  1.     पूर्ण विराम (।)
  2.     अल्पविराम (,)
  3.     योजना चिह्न (-)
  4.     प्रश्नवाचक चिह्न (?)
  5.     विस्मय बोधक चिन्ह (!)
  6.     उद्धरण चिह्न (”  “)
  7.     अर्द्ध विराम (;)
  8.     उप विराम (:)
  9.     कोष्ठक {()}
  10.     लाघव चिह्न (o)
  11.     आदेश चिह्न (:-)
  12.     रेखांकन चिह्न (_)
  13.     लोप चिह्न (…)

विराम चिह्न के प्रकार, प्रयोग और नियम : Hindi Punctuation : Types, Uses and Rules of Punctuation - MobileSathi.Com

पूर्ण विराम या Full Stop (।)


पूर्ण विराम का अर्थ होता ही पूरी तरह ठहरना या रुकना। जहाँ पर वाक्य की गति अंतिम रूप ले और विचार के तार पूरी तरह टूट जाएँ। वहां पर यह चिह्न प्रयोग किया जाता है।

अल्प विराम या Comma (,)

हिंदी भाषा में अल्प विराम का प्रयोग अन्य सभी विराम चिह्नों से कहीं अधिक होता है। अल्प विराम का अर्थ होता है थोड़ी देर के लिए ठहरना या रुकना। वाक्य में जब दो से अधिक समान पदों, पदांशों या वाक्यों का संयोजन हो तब इसका प्रयोग होता है। वाक्य में जब दो से अधिक नामों का एक साथ उल्लेख होता है तब भी इसका प्रयोग होता है। कभी-कभी “और” से जुड़े हुए दो पदों या वाक्यों में “और” से पहले भी अल्पविराम का प्रयोग होता है। शब्दों की आवृत्ति होने पर भी दोनों शब्दों के बीच इसका प्रयोग किया जाता है। यदि वाक्य के बीच कोई वाक्यखंड आ जाये तो भी अल्पविराम का प्रयोग किया जा सकता है।

विराम चिह्न के प्रकार, प्रयोग और नियम : Hindi Punctuation : Types, Uses and Rules of Punctuation - MobileSathi.Com

अर्द्ध विराम (;)

जहाँ अल्प विराम से थोड़ा अधिक और पूर्ण विराम से कम रुकना हो वहां पर अर्द्ध विराम प्रयुक्त होता है। जहाँ एक वाक्य या वाक्यांश का दूसरे वाक्य या वाक्यांश से संबंध बताना हो वहां पर इसे प्रयोग किया जाता है।

उप विराम (:)


जहाँ पर वाक्य पूरा नहीं होता परन्तु किसी विषय या वास्तु के बारे में बताया जाता है वहाँ पर इसका प्रयोग होता है।

 विराम चिह्न के प्रकार, प्रयोग और नियम : Hindi Punctuation : Types, Uses and Rules of Punctuation - MobileSathi.Com

योजना चिह्न (-)

हिंदी व्याकरण की किताबों में इसके प्रयोग के संबंध में बहुत कम ही लिखा गया है। इसलिए इसके प्रयोग की व्याधियाँ स्पष्ट नहीं हैं। फिर भी यह हिंदी भाषा में अल्पविराम के बाद सर्वाधिक प्रयोग किया जाने वाला चिह्न है। इस चिह्न का प्रयोग सर्वाधिक तब होता है जब एक ही शब्द को दो बार साथ में लिखा जाता है।

विराम चिह्न के प्रकार, प्रयोग और नियम : Hindi Punctuation : Types, Uses and Rules of Punctuation - MobileSathi.Com

प्रश्नवाचक चिह्न (?)

प्रश्नवाचक चिह्न का प्रयोग वहाँ होता है जहाँ किसी प्रश्न के के पूछें जाने का बोध होता है। जैसे – आप क्या करते हैं ?

इसके अतिरिक्त जहाँ पर स्थिति निश्चित न हो वहां पर भी इसका प्रयोग होता है। जैसे – आप शायद कन्नौज से आ रहे हैं ?

इसके अतिरिक्त इसका प्रयोग व्यंग्य उक्तियों में भी होता है।

विराम चिह्न के प्रकार, प्रयोग और नियम : Hindi Punctuation : Types, Uses and Rules of Punctuation - MobileSathi.Com

विस्मय बोधक चिन्ह (!)

विस्मयबोधक चिह्न का प्रयोग विस्मय, हर्ष, उल्लास, आश्चर्य, विषाद, घृणा, भय, करुणा इत्यादि के भाव को प्रकट करने के लिए किया जाता है।

जैसे :- हुर्रे! मै पास हो गया। आह! यह पीड़ा अब और सहन नहीं होती। वाह! कितना सुन्दर दृश्य है।

विराम चिह्न के प्रकार, प्रयोग और नियम : Hindi Punctuation : Types, Uses and Rules of Punctuation - MobileSathi.Com

उद्धरण चिह्न (” व ‘ )

उद्धरण के दो रूप होते हैं इकहरा (‘) व दोहरा (“) चिह्न। जब किसी पुस्तक से कोई वाक्य अथवा अवतरण ज्यों का त्यों लिया जाए तो वहां दोहरे (“) चिह्न का प्रयोग होता है। जहाँ पर कोई विशेष शब्द, पद, वाक्य खण्ड इत्यादि को लिखा जाये तो वहाँ इकहरा (‘) चिह्न प्रयोग में लाया जाता है। शीर्षक, समाचारपत्र, लेखक का उपनाम, लेख इत्यादि को इकहरे (‘) चिह्न में लिखा जाता है।

विराम चिह्न के प्रकार, प्रयोग और नियम : Hindi Punctuation : Types, Uses and Rules of Punctuation - MobileSathi.Com

कोष्ठक {()}

वाक्य के बीच में कभी-कभी कुछ जटिल शब्द आ जाते हैं जिनका अर्थ स्पष्ट नहीं होता है। ऐसे में उन शब्दों में अर्थ को उस शब्द के आगे कोष्ठक में लिख दिया जाता है।

उद्धरण चिह्न (” ‘)


किसी की कही बात को पूरी तरह उसी के शब्दों में प्रकट करने को दर्शाने हेतु इसका प्रयोग किया जाता है।

विराम चिह्न के प्रकार, प्रयोग और नियम : Hindi Punctuation : Types, Uses and Rules of Punctuation - MobileSathi.Com

लाघव चिह्न (o)

किसी बड़ी या प्रसिद्ध चीज को संक्षेप में कहने के लिए उसका पहला अक्षर लिख के यह चिह्न लगा दिया जाता है। जैसे – प्रोफ़ेसर की जगह प्रोo और डॉक्टर की जगह डॉo लिख दिया जाता है।

विराम चिह्न के प्रकार, प्रयोग और नियम : Hindi Punctuation : Types, Uses and Rules of Punctuation - MobileSathi.Com

रेखांकन चिह्न (_)

इसे अंग्रेजी में Underline करना कहते हैं। किसी लेख में किसी महत्वपूर्ण शब्द या पद को दर्शाने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है।

लोप चिह्न (…)


जब किसी बात को पूरा न कहकर बीच की बात का लोप करना हो तो वहां पर यह चिह्न लगा गया जाता है। ऐसे में लेख के प्रारंभ के कुछ शब्द लिखकर उसके बाद लोप चिह्न लगाया जाता है उसके बाद लेख के कुछ अंतिम शब्द लिख दिए जाते हैं।

जैसे :- रहिमन पानी राखिये ………………मानुस चून।

Previous Post Next Post