Solution for SCERT up board textbook कक्षा 5 कलरव ( वाटिका ) पाठ 16 विजय पथ हिन्दी solution hindi pdf. If you have query regarding Class 5 “Vatika” Chapter 16 Vijay Path, please drop a comment below. 

विजय पथ

Vijay Path | UP Board Solution Class 5 Vatika Chapter 16

 

Exercise ( अभ्यास )

प्रश्न-1. बोध प्रश्न : उत्तर लिखिए –

(क) खरगोश ने कछुआ से क्‍या कहा ?

उत्तर- खरगोश ने कछुआ से कहा- “मित्र क्यों न एक दिन हमारी तुम्हारी दौड़ हो जाए |”

(ख) दौड़ के लिए क्या-क्या निर्धारित किया गया ?

उत्तर- दौड़ के लिए रास्ता और गंतव्य स्थल तय किया गया |

(ग) पेड़ के नीचे पहुँचकर खरगोश ने क्या सोचा ?

उत्तर- खरगोश ने सोचा कि कछुआ तो अभी पीछे होगा, क्यों न मैं थोड़ी देर पेड़ की छाया में आराम कर लूं |

(घ) दौड़ में कौन जीता और क्‍यों ?

उत्तर- दौड़ में कछुआ जीता क्योंकि कछुआ मंद गति से लगातार गंतव्य की ओर चलता रहा जबकि खरगोश तेज दौड़ पाने के बावजूद आलस्य के कारण हार गया |

प्रश्न-2. सोच-विचार : बताइए –
कछुए के जीतने पर बहुत से पत्रकार उसका इंटरव्यू लेने पहुँचे। कछुए ने सभी के सवालों का प्रसनन्‍नतापूर्वक उत्तर दिया।

(1) अगर आप भी होते वहाँ, तो कछुए से कौन-कौन से सवाल पूछते ?

  1. आप जीतकर कैसा महसूस कर रहे हैं ?
  2. आप धीमा दौड़ते हैं, फिर भी आप खरगोश के साथ दौड़ने के लिए क्यों तैयार हुए ?

(2) खरगोश से कौन-कौन से सवाल पूछते ?

  1. कछुआ के साथ दौड़ लगाने से पहले आप क्या सोच रहे थे ?
  2. इस दौड़ में आप कैसे पराजित हुए ?

प्रश्न-3. अनुमान और कल्पना –

(क) अगर यह दौड़ अगली बार हो तो क्‍या परिणाम होगा ?
(ख) कछुए ने अपनी जीत की बात फोन पर अपने माता-पिता और भाई-बहिन को बताई | कक्षा में अभिनय करते हुए बताइए कि कछुए ने किससे क्या-क्या बातें बताई होंगी ?
(ग) खरगोश ने पेड़ के नीचे सोते-सोते सपना देखा | सोचें और लिखें -खरगोश ने क्‍या सपना देखा होगा ?

उत्तर- छात्र स्वयं करें |

प्रश्न-4. तुम्हारी कलम से –

(क) दौड़ के अगले दिन सभी समाचार-पत्रों में इस दौड़ की खबर छपी | खबर के साथ कछुए का फोटो भी लगा हुआ था। आप संवाददाता होते तो अपने अखबार के लिए इस समाचार को किस प्रकार लिखते ? सोचकर लिखिए और चित्र भी बनाइए।
(ख) क्‍या आपने भी कभी किसी दौड़ में हिस्सा लिया है ? नहीं भी लिया तो दौड़ देखी होगी। उस दौड़ के बारे में अपने अनुभव लिखिए।

उत्तर- छात्र स्वयं का अनुभव लिखें |

प्रश्न-5. अब करने की बारी –
(क) कछुए को दौड़ में जीतने पर उसके दोस्तों ने बधाई संदेश भेजे। आप भी बनाएं-

कछुए के लिए बधाई पत्र

प्रिय मित्र कछुआ
बहुत दिनों से आपसे मिलने की सोच रहा था, किन्तु व्यस्त होने के कारण नहीं मिल सका | आशा करता हूँ आप सकुशल होंगे | आपके और खरगोश के बीच दौड़ की जानकारी मिली, आपकी विजय का समाचार पाकर बहुत प्रसन्नता हुई |
आपको इस जीत की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं मित्र |
आपका मित्र

खरगोश के लिए सांत्वना पत्र

प्रिय मित्र खरगोश
आपके और कछुआ के बीच दौड़ प्रतियोगिता का समाचार मिला | आपके हारने की खबर पाकर बहुत दुःख हुआ, लेकिन मित्र निराश मत होना | प्रतियोगिता में हार-जीत होती रहती है | शेष मिलने पर |
आपका मित्र

(ख) दौड़ प्रतियोगिता को देखने के लिए दूर-दूर से तमाम पशु-पक्षी आए। उन सभी को बुलाने के लिए निमंत्रण-पत्र भेजे गए थे। जंगल में जगह-जगह पोस्टर भी लगाए गए थे। (अपने साथियों के साथ मिलकर बनाइए कछुआ और खरगोश की दौड़ का पोस्टर )

उत्तर- छात्र स्वयं बनाएं |

(ग) कछुआ और खरगोश की दौड़ चल रही है और आप दौड़ को देख रहे हैं। इस दौड़ का आँखों देखा हाल सुनाइए |

उत्तर- छात्र स्वयं का अनुभव लिखें |

प्रश्न-6. मेरे दो प्रश्न : कहानी के आधार पर दो सवाल बनाइए –

  1. किस-किस के बीच दौड़ आयोजित हुई ?
  2. दौड़ में खरगोश की हार क्यों हुई ?

प्रश्न-7. इस कहानी से –
(क) :मैंने; सीखा – स्वयं लिखें |
(ख) मैं करूँगी/ करूँगा -स्वयं लिखें |

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