फ़ोटो - विजय किरण आनंद (image credit - google) शाहजहांपुर में तैनाती के दौरान विजय किरण आनंद ने महज 12 दिन के कार्यकाल में उन्होंने मानवता क...
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फ़ोटो - विजय किरण आनंद (image credit - google) |
शाहजहांपुर में तैनाती के दौरान विजय किरण आनंद ने महज 12 दिन के कार्यकाल में उन्होंने मानवता की मिसाल पेशकर देश भर में चर्चा में आ गए थे। दरअसल वो एक सरकारी हॉस्पिटल में इंस्पेक्शन के लिए पहुंचे थे। हॉस्पिटल में 23 साल की लड़की को दर्द से तड़पता देख उनका मन भावुक हो उठा और उन्होंने डॉक्टरों से बात की और तुरंत खुद ब्लड डोनेट कर उसकी जान बचाई थी। खून पाने वाली लड़की रीना ने डीएम को अपना भगवान बताया था।

विजय किरन आनंद आईएएस की जीवनी । Vijay Kiran Anand IAS Biography
बतौर डीएम शाहजहांपुर में उन्होंने खुले में शौच के खिलाफ अभियान चलाया था। वो जहां भी रहते हैं, वहां अतिक्रमण करने वालों पर उनकी पैनी निगाह होती है। इनकी गिनती अनुशासन प्रिय और सख्त मिजाज अफसरों में होती है। जनता की समस्याओं के निपटारे पर में लापरवाही के खिलाफ वो हमेशा सख्त देखे गए हैं। आइए आज जानते हैं आईएएस विजय किरण आनंद के जीवन से जुड़े कुछ पहलुओं के बारे में -
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2009 बैच के आईएएस अधिकारी हैं विजय
विजय किरण आनंद की गिनती 2009 बैच के तेज तर्रार आईएएस अफसरों में होती है। मूल रूप से बेंगलुरु के रहने वाले विजय किरण की पहली पोस्टिंग बागपत में एसडीएम के पद पर हुई थी। इसके बाद वो सीडीओ बाराबंकी बने। बतौर डीएम उन्होंने शाहजहांपुर और वाराणसी में शानदार काम किया। इसके पहले वो उत्तर प्रदेश महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक के पद पर तैनात रहे। यहां से सीएम योगी ने उन्हें अपने गृह जनपद गोरखपुर का डीएम बनाने की स्वीकृति दी है। लंबे समय से गोरखपुर के डीएम रहे के विजयेंद्र पांडियन का रविवार की देर रात यहां से ट्रांसफर हो गया। उनकी जगह 2009 बैच के आईएएस अधिकारी विजय किरण आनंद को गोरखपुर का नया डीएम बनाया गया ।
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Vijay Kiran Anand is an IAS officer. Vijay Kiran Anand IAS biodata is available online. Vijay Kiran Anand IAS Executive Record (ER) Sheet is available on government website. Vijay Kiran Anand has been made district magistrate of Gorakhpur while the District Magistrate of Aligarh, Chandra Bhushan Singh, has been shifted in the same capacity to Muzaffarnagar. Selva Kumari J. has been made District Magistrate of Aligarh.
- Name Vijay Kiran Anand - Service IAS Indian Administrative service
- Wife NA - Batch 2009
- Birth Place Benglore, Karnataka
- Cadre UP Cadre
- Contact Details NA
- Posting on DGSE UP
- District Gorakhpur
- facebook NA
- Twitter NA - Instagram NA
Lucknow:In a midnight reshuffle, the Uttar Pradesh government led by Chief Minister Yogi Adityanath has transferred 18 IAS officers on Sunday. According to reports, the state government has appointed new district magistrates in Aligarh, Muzaffarnagar and Gorakhpur.Gorakhpur District Magistrate K Vijayendra Pandian has been relieved for central deputation. The additional charge of Lucknow Development Authority Vice-Chairman has been withdrawn from Abhishek Prakash, who is also District Magistrate of Lucknow.AV Rajamouli has been sent from Saharanpur Divisional Commissioner to the post of Food Logistics Commissioner. Lokesh M, who returned from central deputation, has been made the divisional commissioner of Saharanpur.Food Commissioner Manish Chauhan has been made Secretary, Industrial Development. Arvind Singh, Chief Development Officer Lakhimpur has been made the Vice-Chairman of Kanpur Development Authority.Madhusudan Nagraj Hoolgy has been sent from CDO Varanasi to the post of Moradabad Development Authority Vice-Chairman. Gaurang Rathi, Municipal Commissioner, Varanasi has been made the Vice-Chairman of Aligarh Development Authority.
Vijay Kiran Anand IAS Biography in hindi
Kijay Kiran Anand IAS 2009 बैच के आईएएस विजय बंगलूर के मूल निवासी हैं। इनकी पहली पोस्टिंग बागपत में एसडीएम पद पर हुई। उसके बाद सीडीओ बाराबंकी बने। शाहजंहापुर में डीएम पद पर कुशलता पूर्वक कार्य करने के बाद प्रदेश सरकार ने उन्हें वाराणसी का डीएम बना कर भेजा।
Vijay Kiran Anand IAS date of birth
No Data Available about Vijay Kiran Anand IAS date of birth.
Where from Vijay Kiran Anand IAS
Vijay Kiran Anand is from Bangalore Karnataka.
Vijay Kiran Anand IAS cast
No Data Available about Vijay Kiran Anand IAS cast.
विजय किरण आनंद की पत्नी का नाम | Vijay Kiran Anand IAS wife name
विजय किरण आनंद की पत्नी के नाम की जानकारी उपलब्ध नही है । मिलने पर तुरंत अपडेट की जाएगी ।
पारिवारिक परिचय | Vijay kiran Anand IAS Family details , Vijay Kiran Anand Family (Mother, Father Name
विजय किरण आनंद आईएएस के माता का नाम व पिता का नाम, व पारिवारिक जानकारी अप्राप्त है । मिलने पर जल्द ही अपडेट कर दिया जाएगा।
विजय किरण आनंद की शिक्षा | Vijay Kiran Anand Basic Education
Vijay Kiran Anand has done Charted Accountant (CA). Vijay Kiran Anand is counted among the brightest IAS officers of the 2009 batch. He is originally from Bangalor
विजय किरण आनंद का मोबाइल नम्बर, सम्पर्क सूत्र ।Vijay Kiran Anand Mobile number contact details
विजय किरण आनंद आईएएस की मोबाइल नम्बर, व संपर्क सूत्र की जानकारी अप्राप्त है । मिलने पर जल्द ही अपडेट कर दिया जाएगा।
Some Amazing Facts About Vijay Kiran Anand | विजय किरण आनंद से जुड़े कुछ फ़ैक्ट्स
- Vijay Kiran is a 2009 Batch IAS officer from Bengaluru, Karnataka.
- Currently, He is posted as DM & Collector in Gorakhpur.
- He passed the IAS exam in 2009.
Vijay Kiran Anand IAS Marksheet (Career, Struggle)
Vijay Kiran Anand’s IAS Marksheet is provided below. A 2009 batch IAS officer Vijay is a native of Bangalore. His first posting was in the post of SDM in Baghpat. After that became CDO Barabanki. After working efficiently on the post of DM in Shahjahanpur, the state government sent him as the DM of Varanasi. Now, he is posted in Gorakhpur as DM & Collector Post. If you wanna more details about his struggle then keep read this article and know all details here.
Who is Vijay Kiran Anand IAS?
Vijay Kiran Anand is a 2009 IAS officer from the Uttar Pradesh cadre. He is counted among the brightest IAS officers of the 2009 batch. Originally from Bangalore, Vijay Kiran’s first posting was in the post of SDM in Baghpat. After that, he became CDO Barabanki.
शाहजहांपुर। यूपी के शाहजहांपुर में एक जिलाधिकारी (डीएम) के तबादले को लेकर पूरा जिला सड़कों पर उतर आया है। इस दौरान पूरे जिले की पुलिस को कानून व्यवस्था संभालनी मुश्किल हो गई। शाहजहांपुर के तेज तर्रार और बेहद ईमानदार जिलाधिकारी विजय किरन आनंद के तबादले को लेकर पूरे दिन हंगामे का दौर जारी रहा। लोगों ने सड़क और चौराहे जाम कर दिए। जिलाधिकारी की विदाई के दौरान हजारों की तादात में लोगों ने कलेक्ट्रेट को घेर लिया और जिलाधिकारी की गाड़ी के सामने लेट गए। इसके बाद जिलाधिकारी ने लोगों हाथ जोड़कर रास्ता देने की गुहार लगाई रवाना हो गए।
दरअसल 2008 बैच के जिलाधिकारी विजय किरन आनंद 39 दिनों के अंदर ही चर्चा में आ गए। सुबह 5 बजे से रात के 12 बजे तक काम करने वाले जिलाधिकारी ने सत्ताधारी नेताओ द्वारा किए गए बड़े-बड़े घोटालेबाजों की पोले खोलना शुरू कर दिया था। साथ ही उन्होंने कई ऐसे अभियान चलाए जिसके कारण आम लोगों के दिलों में उनके लिए एक खास जगह बन गई। जिलाधिकारी नगर पालिका में हुए करोड़ों के घोटाले का खुलासा करने की तैयारी कर रहे थे इसी बीच उनका तबादला हो गया।
क्योंकि नगर पालिका के चेयरमैन तनवीर खां सपा के जिलाध्यक्ष भी हैं और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बेहद करीबी माने जाते हैं। सूत्रों की मानें तो घोटाले की पोल खुलने के डर से जिलाधिकारी का ट्रांसफर न होने पर पार्टी से इस्तीफा देने तक की धमकी दी थी जिसके दबाब में जिला अधिकारी का तबादला कर दिया गया। जिलाधिकारी ने पूरे जिले में खुले में शौच पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था, राशन की कालाबाजारी को बंद कर दिया था। इन्हीं सबके चलते महज 39 दिनों के बाद ही उनका तबादला कर दिया गया। डीएम के तबादले को लेकर आम लोगों में बेहद गुस्सा पूरे जिले में देखने को मिला। पूरे जिले के सभी थाना क्षेत्रों में लोगों ने सड़कों और चौराहों को पूरी तरह से जाम कर दिया। कुछ जगहों पर मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका गया। जैसे ही लोगों को जिलाधिकारी की विदाई का पता चला वैसे ही सैंकड़ों की तादात में लोगों ने कलेकट्रेट को घेर लिया। उनका कहना था कि वो ईमानदार जिलाधिकारी को नहीं जाने देंगे। इसके बाद जैसे ही वो अपनी गाड़ी में बैठ तो लोग उनकी गाड़ी के आगे लेट गए। लोगों की जिद देखकर उन्होने हाथ जोड़कर उन्हें जाने देने की गुहार लगाई। हालांकि बाद में जिलाधिकारी जैसे ही कार से निकले तो लोग उन्हें रोकने के लिए उनके पीछे-पीछे दौड़ पड़े। कुछ लोग तो ऐसे थे जो जिलाधिकारी के तबादले को लेकर रोते नजर आए। लेकिन जिलाधिकारी का कहना था कि वो जहां भी रहेंगे जनता के लिए ही काम करेंगे।
शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित राज्य अध्यापक पुरस्कार वितरण समारोह में सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से आईएएस अफसर विजय किरन आनंद की तारीफ करने पर आईएएस एसोसिएशन गदगद है। सीएम ने उनकी लगन, कर्मठता और प्रशासनिक सूझबूझ की प्रशंसा करते हुए उन्हें प्रदेश का सबसे अच्छा आइर्एएस अफसर बताया था। सीएम के इस कथन को आईएएस एसोसिएशन ने ट्वीट कर खुशी जताते हुए उन पर गर्व होने की बात कही है।
दोबारा की तारीफ
उल्लेखनीय है कि विजय किरण विशेष सचिव बेसिक शिक्षा के साथ सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक और मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक हैं। मेला अधिकारी के रूप में कुंभ के भव्य और दिव्य आयोजन का श्रेय विजय किरन को देने के साथ सीएम योगी ने बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा लागू किये गए सुधारात्मक कदमों की तारीफ की थी। रविवार को आईआईएम लखनऊ में सरकार के मंत्रियों के प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए भी योगी ने उनका नाम लिए बगैर कहा कि एक आईएएस अधिकारी के सुझावों को प्राथमिक विद्यालयों में लागू करने के बाद बहुत ही सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। सीएम के कथन के बाद आईएएस एसोसिएशन की खुशी देखने को मिली। वर्तमान में काशी के डीएम विजय किरन आनंद 2009 बैच के आईएएस हैं और मूल रूप से बंगलूर के निवासी हैं। काशी में तैनात होने के बाद डीएम विजय किरन आनंद वाराणसी की जनता की उम्मीदों की किरण बनकर उभरें हैं, अपनी तेज तर्रार कार्यशैली से डीएम विजय किरन आनंद ने बनारसवासियों के दिलों में अपने लिए एक खास जगह बना ली है। बनारस के लोग डीएम विजय की तुलना नायक फिल्म के अनिल कपूर से करते हैं।
लोगों का कहना है कि अनिल कपूर जैसे फिल्म नायक में जनता के बीच जाकर समस्याओं का समाधान करता है, वैसे ही डीएम बनारस विजय किरन आनंद भी कर रहे हैं।विजय किरन आनंद का मानना है कि ऑफिस में बैठकर नहीं, बल्कि सड़कों-गलियों में घूमकर जनता की समस्या समझी जा सकती है। डीएम की सेवा भावना को इसी से समझा जा सकता है कि इस भीषण गर्मी में भी वह बाइक से बनारस की गलियों में जाकर रियलिटी चेक करते हैं। डीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दें रखें हैं कि मनमानी करने वालों को ‘पहले समझाओ, फिर नोटिस और न माने तो जेल।’ डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घड़ी देखना बंद करेें, जब तक लोगों की सभी समस्याओं को न निपटा लें कार्यालय छोड़कर घर न जाएं।इससे पहले शाहजहांपुर में रहते हुए आन ड्यूटी एक महिला की जान बचाने के लिए खून देकर वह चर्चाओं में आये थे। अपनी कार्यों से महज 48 दिनों में शाहजहांपुर में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले तेज़ तर्रार तत्कालीन डीएम के लिए जिले के लोग आंसू बहाने को मजबूर हुए थे।उनके तबादले के विरोध में जिले में कई धरने प्रदर्शन हुए, और छात्रों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर सरकार से उनका तबादला निरस्त करने की मांग की थी।सूत्रों की माने तो 48 दिनों बाद ही विजय को उनके अच्छे कार्यों का इनाम मिला, और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद उन्हें काशी में तैनात कराया था।मालूम हो कि वाराणसी पीएम का संसदीय क्षेत्र हैं और पिछले समय में पीएम की कई महत्वकांक्षी योजनाएं सही ढ़ंग से लागू नहीं हो पा रहीं थी।जिसके बाद मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए डीएम विजय को चुना। क्योंकि अगले वर्ष होने वाले चुनावों में काशी को प्रदर्शनी के तौर पर देखा जा रहा है।
मैं डीएम बनारस हूं’-
नगर निगम से डीएम विजय बाइक पर बैठकर भैरोनाथ गलियों में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बनारस के लोगों को अपना परिचय ‘मैं डीएम बनारस हूं’कहकर कराया।यहां उन्होंने इलाके की साफ-सफाई का निरीक्षण किया और गंदगी देखकर अफसरों को तत्काल में सफाई कराने के निर्देश दिया।इसके साथ ही डीएम ने लोगों से सवाल किये कि आपके यहां कब-कब ,कितने बजे कूड़ा उठता है। क्या आप अपने सुपर वाइजर को पहचानते हैं? बनारस की स्वच्छता को लेकर विजय खासा सजग हैंडीएम ने क्षेत्र के लोगों को साफ-सफाई को लेकर जागरूक भी किया, यहां एक घर के बाहर गंदगी देखर डीएम ने निवासी सुनील को समझाया कि ‘सुधर जाइए,नहीं तो जाएंगे जेल।
विवादों से भी रहा नाता - पंचायतीराज विभाग में 700 करोड़ के घोटाले में रहा विजय किरण आनंद का नाम लगता है पंचायतीराज
विभाग में 700 करोड़ के घोटाले में जिन बड़े लोगों को बचाने की कोशिश चल रही है, वह काम नहीं करने वाली. यह मामला धीरे-धीरे और उभरता दिख रहा है सोमवार रात राज्य सरकार ने पूर्व IAS अफसर और पंचायती राज विभाग में निदेशक रहे अनिल कुमार दमेले के खिलाफ FIR करने के आदेश दे दिए लेकिन इसी मामले में चर्चा में आये एक अन्य विभागीय निदेशक विजय करण आनंद को क्लीन चिट मिलती दिखी जब उन पर कोई एक्शन सामने नहीं आया । जबकि आरोप है कि विजय करण ने ही दूसरी किश्त के तौर पर 395 करोड़ की राशि जारी की थी और मामला खुलने के बाद विजिलेंस जांच में दमेले के साथ उन्हें भी दोषी ठहराया गया था ।
परफार्मेंस ग्रांट की धनराशि जारी की थी
अब प्रदेश सरकार का एक्शन सामने आने के बाद ग्राम पंचायतों को अनियमित रूप से परफार्मेंस ग्रांट की धनराशि देने के इस मामले में पंचायती राज के पूर्व निदेशक विजय किरण आनंद को बचाये जाने पर एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर ने कड़ी आपत्ति जताई है. बताते चलें कि, विजय किरण आनंद की छवि खासी अच्छी रही है और पहले फीरोजाबाद और फिर एटा में उनके कार्यकाल के दौरान लोग इतने खुश रहते थे कि दोनों जगहों से उनके तबादले पर विरोध प्रदर्शन तक हुए थे. 2009 बैच के आइएएस विजय किरन शाहजहांपुर के भी डीएम रहे जिसके बाद उन्हें वाराणसी का जिलाधिकारी बना कर भेजा गया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे पत्र में नूतन ने कहा कि कल उन्होंने एक पूर्व निदेशक अनिल कुमार दमेले के खिलाफ कार्यवाही की स्वीकृति दे दी लेकिन विजय किरण आनंद के खिलाफ स्वीकृति नहीं दी गयी, जबकि एसपी, विजिलेंस राम किशुन के पत्र 11 जुलाई 2019 में श्री दमेले के साथ श्री आनंद के खिलाफ भी धारा 409, 120बी आईपीसी व 13(1)(सी) तथा 13(1)(डी) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मुक़दमा दर्ज करने की संस्तुति की गयी थी ।
नूतन ठाकुर ने कहा कि श्री आनंद 18 अप्रैल से 20 दिसंबर 2017 तक निदेशक, पंचायती राज के पद पर थे, जहाँ से उन्हें मेला अधिकारी, प्रयागराज बनाया गया था । इस दौरान राष्ट्रीय पंचायती राज प्रधान संगठन ने दिनांक 18 अप्रैल को शासन से इस चयन के संबंध में शिकायत की थी, जिस पर शासन ने 23 अप्रैल को जाँच करा कर 15 दिन में आख्या देने का निर्देश दिया था. इसके बाद भी आनंद ने 03 मई 2017 को सभी बैंकों को उसी दिन धनराशि इलेक्ट्रॉनिक ट्रान्सफर के माध्यम से स्थानांतरित कर सूचित करने के निर्देश दिए, जिससे उनकी भूमिका स्पष्ट हो जाती है । नूतन ठाकुर ने इन्ही तथ्यों के आधार पर विजय किरन आनंद पर भी कार्यवाही की मांग की है ।
कई और FIR पहले ही हो चुकी हैं दर्ज
इस मामले में जिलों में तैनात तमाम विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है और उन्हें मौजूदा तैनाती स्थल से हटाकर पंचायतीराज मुख्यालय या प्रशिक्षण केन्द्र से सम्बद्ध किया जा रहा है। तत्कालीन निदेशक और पूर्व आईएएस अनिल कुमार दमेले पर FIR दर्ज करने के आदेश दिए जा चुके हैं और विभाग के काफी कर्मचारियों-अफसरों पर पहले ही केस दर्ज कराया जा चुका है ।
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