HTTP और HTTPS क्या है | जाने इनके फायदे और नुकसान

क्या आपने किसी ब्राउज़र के एड्रेस बार में वेबसाइट ब्राउज़ करते समय http:// या https:// पर ध्यान दिया है? ये दोनों internet protocol है। यदि इनमें से कोई भी मौजूद नहीं है, तो सबसे अधिक संभावना है, यह http:// है| आपके मन में कभी न कभी यह सवाल आया होगा की आखिर ये हैं क्या, ये काम कैसे करते हैं और HTTP और HTTPS के बीच क्या अंतर है। इस लेख में हमने HTTP और HTTPS के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की है|

What is http | http क्या है -

http पूरा नाम hyper text transfer protocol होता है। यह एक प्रोटोकॉल है जो आपके ब्राउज़र और वेबसाइट के बीच डेटा भेजने का काम करता है। इस प्रोटोकॉल का आविष्कार Sir Timothy John ने किया था। सुरक्षा यह कम सुरक्षित है क्योंकि डेटा हैकर्स की चपेट में आ सकता है। डेटा एन्क्रिप्शन(Encryption) डेटा स्थानांतरित करते समय HTTP डेटा को एन्क्रिप्ट नहीं करता है। इसलिए हैकर्स के पास जानकारी हसीर करने का एक मौका उपलब्ध है। SSL Certificate HTTP वेबसाइट को SSL की आवश्यकता नहीं है। Google रैंकिंग HTTP Google में रैंकिंग को सुधार नहीं करता है। तेज़ी https की तुलना में तेज। हैकिंग हैकिंग की संभावना अधिक है। भरोसा ग्राहकों में कम भरोसा क्योंकि उन्हें सुरक्षा भंग होने का खतरा है और उनकी संवेदनशील जानकारी लीक हो सकती है। AMP का उपयोग हम HTTP के साथ एएमपी (Accelerated mobile pages) का उपयोग नहीं कर सकते। HTTP हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल (Hypertext Transfer Protocol) का संक्षिप्त नाम है। यह वर्ल्ड वाइड वेब उपयोगकर्ताओं को वेब पेजों पर तस्वीरें, टेक्स्ट, वीडियो, संगीत और अन्य फ़ाइलों जैसी जानकारी स्थानांतरित करने की अनुमति देता है। http मूल रूप से html पृष्ठों तक पहुँचने में और उन्हें पढ़ने के लिए उपयोग किया जाता है| http वेब पर डेटा ट्रांसफर के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला प्रोटोकॉल रहा है| यह प्रोटोकॉल मूल रूप से सभी शुरुआती वेबसाइटों के लिए उपयोग किया गया था।

What is https | https क्या है

और https पूरा नाम Hyper Text Transfer Protocol Secure  होता है | https के अंदर 'S' का मतलब 'सिक्योर' होता है इसका अर्थ है कि आपके ब्राउज़र और वेबसाइट के बीच सभी कम्युनिकेशन को सिक्योर (सुरक्षित) किया गया हैं।

HTTPS इस प्रोटोकॉल का आविष्कार Sir Timothy John ने किया था। आरंभ या शुरुआत HTTP URL की शुरुआत http:// से शुरू होते है।प्रोटोकॉल यह TCP / IP प्रोटोकॉल का उपयोग करता है। Port यह डिफ़ॉल्ट (default) रूप से पोर्ट(port) 80 का उपयोग करता है।
इस प्रोटोकॉल का आविष्कार Netscape Corporation ने अपने Navigator ब्राउज़र के लिए किया था। HTTPs URL की शुरुआत https:// से होती है। HTTPS का कोई अलग प्रोटोकॉल नहीं है। यह HTTP का उपयोग करता है, लेकिन एन्क्रिप्टेड TLS / SSL कनेक्शन का उपयोग करता है। यह डिफ़ॉल्ट रूप से पोर्ट 443 का उपयोग था। यह हैकर्स को महत्वपूर्ण जानकारी तक पहुंचने से रोकने के लिए बनाया गया है। यह ऐसे हमलों के खिलाफ सुरक्षित है इस्तेमाल ऐसे ज्यादातर ब्लॉगों में इस्तेमाल किया जाता है।
ज्यादातर उन वेबसाइट में इस्तेमाल किया जाता है जिसमें ऑनलाइन पेमेंट का उपयोग होता है जैसे बैंक और ई-कॉमर्स। डेटा स्थानांतरित से पहले HTTPS डेटा को एन्क्रिप्ट करता है। इसलिए HTTPS में जानकारी सुरक्षित है। HTTPS को SSL प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है HTTPS Google में रैंकिंग को बेहतर बनाने में मदद करता है।वर्ष 2014 में, Google ने HTTPS को रैंकिंग संकेत के रूप में उपयोग करना शुरू किया। HTTPS में, SSL का एक अतिरिक्त चरण है। यह अतिरिक्त चरण वेबसाइट के पेज लोड की गति को थोड़ा कम करता है हैकिंग की बहुत कम संभावना है। ग्राहकों के साथ विश्वास स्थापित करता है क्योंकि वे जानते हैं कि उनकी संवेदनशील जानकारी जैसे ब्राउज़िंग हिस्ट्री, खाता विवरण आदि सुरक्षित हैं। यदि आप Google AMP का उपयोग करना चाहते हैं, तो HTTPS होना आवश्यक है।

http की सिक्योरिटी बहुत कमजोर होती है। जिसके कारण इसे हैक किया जा सकता है। https की सिक्योरिटी बहुत मजबूत होती है और इसको हैक करना बहुत ही मुश्किल है। इसी लिए ऑनलाइन बैंकिंग और ऑनलाइन शॉपिंग ऑर्डर फॉर्म जैसी अत्यधिक गोपनीय ऑनलाइन लेनदेन करने वाली सभी वेबसाइट http का इस्तमाल ना करके https का इस्तमाल करती है। तो जब भी आप किसी ऐसी वेबसाइट पर जाओ जहा आपको अपने बैंकिंग डिटेल्स देनी हो या अपनी परसनल डिटेल्स देनी हो तो उस वेबसाइट के यूआरएल के पहले https लगा होना जरुरी है तो आप उसे जरूर चेक करे।

https Benefits in hindi | https के क्या फायदे है 
  • यह उपयोगकर्ताओं को ऑनलाइन बैंकिंग जैसे सुरक्षित ई-कॉमर्स लेनदेन करने की अनुमति देता है ।
  • SSL प्रौद्योगिकी तकनीक किसी भी उपयोगकर्ता की सुरक्षा करती है और विश्वास का निर्माण करती है।
  • एक स्वतंत्र प्राधिकारी प्रमाण पत्र के मालिक की पहचान की पुष्टि करता है। इसलिए प्रत्येक SSL प्रमाण पत्र में मालिक के बारे में अनूठी, प्रामाणिक जानकारी होती है।
  • Google अपने उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित साइटों पर भेजना चाहता है और इसके लिए HTTPS कनेक्शन को रैंकिंग संकेत बनाता है। इसका मतलब है कि HTTPS वाली वेबसाइट HTTP वेबसाइट की तुलना में अधिक रैंक की होने वाली है।
यदि आप एक ब्लॉगर है या आपके पास कोई वेबसाइट है तो आपको https का उपयोग करना ही चाहिए। https का उपयोग करने से आपकी वेबसाइट और आपके पोस्ट या आर्टिकल गूगल सर्च रिजल्ट में पहले आएंगे क्योकि गूगल https रिजल्ट को ज्यादा महतव देती है। इसके अलावा आपके विज़िटर्स का आपके ऊपर भरोशा बना रहता है। 

यदि आपके पास इ-कॉमर्स वेबसाइट है तो आपको https का इस्तमाल हमेशा करना चाहिए। क्योकि इ कॉमर्स वेबसाइट के लिए https बहुत जरुरी है क्योकि इन पर ऑनलाइन transaction होता है और यहाँ पर यूजर इनफार्मेशन को एनक्रिप्टेड फोर्मेट में सर्वर तक ले जाना जरुरी होता है ताकि कोई थर्ड पार्टी या हैकर उन इनफार्मेशन को चुरा न ले। तो यदि आपके पास इ-कॉमर्स वेबसाइट है तो आपको https का इस्तमाल जरूर करे।

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